एनसीईआरटी की किताब में विवादास्पद अध्याय ‘करप्शन इन ज्यूडिशियरी’ लिखने वाले शिक्षाविदों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होने कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके काम पर लगाई गई रोक को हटाया जाए। 

 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पारिवारिक पेंशन के मामले में माननीय पहलू को ध्यान में रखते हुए कहा है कि यदि किसी कर्मचारी की पहली पत्नी की मृत्यु उसके जीवनकाल में ही हो गई है, और अन्य कोई दावेदार नहीं है तो उस व्यक्ति की दूसरी पत्नी को पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

 

सुप्रीम कोर्ट ने रेप मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे सबसे कड़े शब्दों में निंदनीय बताया और सभी शीर्ष हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोर्ट के आदेशों में पीड़िता या उसके परिवार की पहचान किसी भी रूप में सामने न आए।

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई विवाहित पुरुष किसी महिला के साथ सहमति संबंध यानि कि लिव इन में रहता है तो यह कानूनन कोई अपराध नहीं है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की बेंच ने याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई विवाहित पुरुष किसी महिला के साथ सहमति संबंध यानि कि लिव इन में रहता है तो यह कानूनन कोई अपराध नहीं है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की बेंच ने याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

 

दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण DSLSA ने दिल्ली उच्च न्यायालय में कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। इन पहलों का शुभारंभ जस्टिस सूर्यकांत, भारत के चीफ जस्टिस एवं नालसा NALSA के संरक्षक-प्रमुख, के मार्गदर्शन में किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने 32 वर्षीय हरीश राणा को इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह एतिहासिक फैसला सुनाते हुए दिल्ली के एम्स को निर्देश दिया कि हरीश राणा को तुरंत भर्ती किया जाए, और लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया के लिए जरूरी व्यवस्था की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने 32 वर्षीय हरीश राणा को इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह एतिहासिक फैसला सुनाते हुए दिल्ली के एम्स को निर्देश दिया कि हरीश राणा को तुरंत भर्ती किया जाए, और लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया के लिए जरूरी व्यवस्था की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन अधिनियम, 1937 के अंतर्गत मुस्लिम महिलाओं के विरुद्ध भेदभावपूर्ण उत्तराधिकार प्रावधानों को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका लखनऊ की एडवोकेट पौलोमी पविनी शुक्ला द्वारा दायर की गई है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से ठीक पहले सरकारों की ओर से 'फ्रीबीज' मुफ्त सुविधाओं की घोषणा करने की आलोचना की है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि यह चलन कब तक जारी रहेगा, चुनाव आते ही योजनाएं क्यों घोषित होती हैं? कोर्ट में 'फ्रीबीज' पर रोक के लिए 2022 में दायर याचिका पर अभी तक अंतिम सुनवाई नहीं हुई है। हाल में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को उठाया गया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इसपर मार्च में सुनवाई करेगा।

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