मद्रास हाईकोर्ट ने एक तलाक के मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह पति के पीछे वोडाफोन के विज्ञापन वाले ‘पग डॉग’ की तरह हर जगह चले। नौकरी या किसी दूसरी वजह से पति जहां जाए, पत्नी का हर बार उसके साथ जाना जरूरी नहीं है।

यह मामला ऐसे दंपती का है, जो करीब 16 साल से अलग रह रहे थे।दोनों की शादी 34 साल पहले हुई थी और उनके चार बच्चे हैं। पति की उम्र फिलहाल 67 साल है।

पति नौकरी के सिलसिले में तमिलनाडु के शिवगंगा से मुंबई चला गया था, लेकिन पत्नी उसके साथ नहीं गई। इसी आधार पर फैमिली कोर्ट ने 2021 में पति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि पति खुद पत्नी को साथ लेकर नहीं गया, इसलिए वह अपनी गलती का फायदा उठाकर तलाक नहीं मांग सकता।

मद्रास हाईकोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए कहा कि दोनों के रिश्ते में गहरी दरार पड़ चुकी है और दोबारा साथ आने की कोई संभावना नहीं है।लंबे समय से अलग रहना और वैवाहिक संबंध का पूरी तरह खत्म हो जाना परिस्थितियों के आधार पर मानसिक क्रूरता माना जा सकता है।

हालांकि, पति द्वारा पत्नी पर लगाए गए अवैध संबंध के आरोप को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि कथित प्रेमी को मामले में पक्षकार ही नहीं बनाया गया था।

हाईकोर्ट ने तलाक मंजूर करते हुए पति को पत्नी को 7 लाख रुपये गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया।