डीएसएलएसए ने हैंडबुक–कम–फील्ड डायरी फॉर पैरा लीगल वॉलंटियर्स – 2026, एक उपयोगी हैंडबुक जारी की
- महेश गुप्ता
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण DSLSA ने दिल्ली उच्च न्यायालय में कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। इन पहलों का शुभारंभ जस्टिस सूर्यकांत, भारत के चीफ जस्टिस एवं नालसा NALSA के संरक्षक-प्रमुख, के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसरपर माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. वी. संजय कुमार, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय; माननीय श्री न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली उच्चन्यायालय एवं डीएसएलएसए (DSLSA) के संरक्षक-प्रमुख; माननीय श्री न्यायमूर्तिवी. कामेश्वर राव, न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, डीएसएलएसए (DSLSA); माननीय श्री न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव साम्ब्रे, न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय; श्री चेतन शर्मा, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल;तथा श्री एन. हरिहरन, अध्यक्ष, दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, उपस्थितरहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके पश्चात न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने अपने मुख्य संबोधन में इन पहलों के महत्व को विस्तार से बताया। तत्पश्चात चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अध्यक्षीय संबोधन में सर्वसुलभ एवं समान न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया।
डीएसएलएसए ने हैंडबुक–कम–फील्ड डायरी फॉर पैरा लीगल वॉलंटियर्स – 2026के नाम से एक उपयोगी हैंडबुक जारी की, जो पैरा लीगल वॉलंटियर के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी। इसमें नालसा, एसएलएसए और डीएलएसए की जानकारी, निःशुल्क विधिक सहायता की पात्रता और पीएलवी की भूमिका जैसे जागरूकताफैलाना, एफआईआर दर्ज कराने में मदद करना, पीड़ितों को सहयोग देना औरमुआवजा दिलाने में सहायता करना शामिल है।
इस हैंडबुक में संवैधानिक अधिकार, आपराधिक और दीवानी कानून, आरटीआई, उपभोक्ता अधिकार, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर अधिकार, विवाह से जुड़े कानून और महिलाओं व बच्चों से संबंधित कानूनों को सरल भाषा में समझाया गया है। साथ ही FIR, साइबर शिकायत, श्रम कानून और लापता बच्चों से जुड़े नियमों को आसान तरीके से बताया गया है।
डीएसएलएसए ने स्कीम फॉर कम्युनिटी लीगल एम्पावरमेंट थ्रू हेल्थ एंड चाइल्डकेयरप्लेटफॉर्म्स नाम से एक नई पहल शुरू की है, जिसमें आशा और आंगनवाड़ीकार्यकर्ताओं को पैरा लीगल वॉलंटियर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। येकार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को कानून की जानकारी देंगे, जरूरतमंद लोगों कीपहचान करेंगे और उन्हें विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं तक पहुंचने मेंमदद करेंगे।
इस योजना के तहत डेटा एकत्र किया जाएगा ताकि जरूरत के अनुसार कामकिया जा सके। जिला स्तर पर समन्वय समितियां बनाई गई हैं। स्वास्थ्य केंद्रोंऔर आंगनवाड़ी केंद्रों पर हेल्प डेस्क, जागरूकता कार्यक्रम और समय-समय परमेगा सेवा शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाएंऔर परामर्श एक साथ मिलेंगे।
स्कीम फॉर लीगल असिस्टेंस एंड फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट टू विक्टिम्स थ्रू डीएलएसए फैसिलिटेशन पॉइंट्स - इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में विशेष केंद्र बनाए जाएंगे, जहां पीड़ितोंको निःशुल्क इलाज के साथ-साथ तुरंत विधिक सहायता भी दी जाएगी। यहांचिकित्सा, कानूनी मदद, परामर्श, दस्तावेजी सहायता और पुलिस व अन्य विभागोंके साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के पीड़ितों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि प्रथम संपर्क बिंदु से ही उन्हें संवेदनशील एवं समयबद्ध सहायता सुनिश्चित की जा सके।
इन योजनाओं और हैंडबुक के लोकार्पण के साथ कार्यक्रम का समापनडीएसएलएसए के सदस्य सचिव श्री राजीव बंसल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथहुआ। ये पहलें सभी के लिए न्याय को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में एकमहत्वपूर्ण कदम हैं। डीएसएलएसए का उद्देश्य है कि कानून की सेवाएं समाज के हरव्यक्ति तक पहुंचे और एक सरल, मजबूत और लोगों के हित में काम करने वालीव्यवस्था तैयार हो।

